महापौर मंजूषा भगत ने की पहल की सराहना, अन्न की बर्बादी रोकने के लिए निगम की बैठक में मुद्दा उठाने का दिया आश्वासन
अंबिकापुर। महिलाओं और बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने, नए हुनर सीखने तथा आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से सेवा किटी द्वारा अभिरुचि केंद्र का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में नगर निगम की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, एमआईसी सदस्य श्रीमती श्वेता गुप्ता, श्रीमती सुधा वर्मा तथा सेवा किटी की वरिष्ठ सदस्य संतोष पांडेय, जया तिवारी और कुंजबाला जायसवाल सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अभिरुचि केंद्र की संस्थापिका वंदना दत्ता ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए केंद्र के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से शहर की लगभग 60 सेवाभावी महिलाओं के सहयोग से सेवा किटी निरंतर जनहित और समाजसेवा के कार्य कर रही है। अभिरुचि केंद्र के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण देकर उनकी प्रतिभा को निखारने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
अन्न की बर्बादी रोकने के लिए नगर निगम से सहयोग की अपील
इस अवसर पर सेवा किटी की ओर से अन्न की बर्बादी रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की गई। संस्थापिका वंदना दत्ता ने बताया कि वर्ष 2022 में सेवा किटी द्वारा शहर के होटलों में भोजन की बर्बादी रोकने के उद्देश्य से जागरूकता बोर्ड लगाए गए थे। उन्होंने इस संबंध में नगर निगम को दिए गए आवेदन की प्रति भी महापौर को उपलब्ध कराई और निगम से इस दिशा में प्रभावी पहल करने का अनुरोध किया।
इस दौरान संदेश दिया गया कि “अन्न की बर्बादी रोकना ही भूख कम करने का बेहतरीन तरीका है।”
महापौर श्रीमती मंजूषा भगत ने सेवा किटी की पूरी टीम द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सेवा किटी ऐसा मंच है, जहां महिलाओं को कुछ नया सीखने, अपनी प्रतिभा निखारने और अपने हुनर को दूसरों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। उन्होंने इस पहल को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाला और अन्य लोगों के लिए प्रेरणादायक बताया।
महापौर ने आश्वासन दिया कि वे सेवा किटी के इस नेक कार्य में सदैव सहयोग और समर्थन प्रदान करती रहेंगी। साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की कि अभिरुचि केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं एवं युवतियों द्वारा तैयार उत्पादों को खरीदने के लिए ऑर्डर दें, ताकि उनके हुनर को आजीविका से जोड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के हुनर को प्रोत्साहित करना केवल उनके उत्पादों को खरीदना नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य को संबल देना भी है। महापौर ने अन्न की बर्बादी रोकने से जुड़े प्रस्ताव को एमआईसी की बैठक में प्रस्तुत करने का आश्वासन भी दिया।
मोबाइल के दौर में हुनर और आत्मनिर्भरता पर जोर
एमआईसी सदस्य श्रीमती श्वेता गुप्ता ने अभिरुचि केंद्र की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज मोबाइल के दौर में महिलाओं और बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों तथा व्यावहारिक कौशल से जोड़ना बेहद आवश्यक है। इस केंद्र के माध्यम से उन्हें विभिन्न विधाओं को सीखने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी और अपने हुनर के माध्यम से नए आयाम स्थापित कर सकेंगी।
विभिन्न विधाओं में मिलेगा प्रशिक्षण
कार्यक्रम में केंद्र से जुड़ी अनुभवी प्रशिक्षिकाओं एवं विशेषज्ञों का परिचय कराया गया। इनमें मनोवैज्ञानिक परामर्श के लिए डॉ. तृप्ति विश्वास, परिवार परामर्श के लिए जानकी सिंह, करियर गाइडेंस के लिए अनामिका चक्रवर्ती वर्मा, सेल्फ मेकअप के लिए अनुभा डबराल, रंगोली के लिए चेतना मुंजे, नृत्य के लिए आभा वर्मा, हस्तशिल्प के लिए नेहा वर्मा तथा सिलाई प्रशिक्षण के लिए आशा सोनी शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त गायन, गोदना आर्ट, केक निर्माण सहित अन्य विधाओं में भी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। केंद्र का उद्देश्य प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों की रचनात्मकता को बढ़ावा देना और उन्हें अपने कौशल के आधार पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
इस अवसर पर प्रियंका चौबे, सरस्वती सोनी, सोनी सिन्हा, मधु चौधरी, संजीता स्वर्णकार, सत्या दुबे, मिलन शर्मा, ज्योति द्विवेदी, सुधा तिवारी, दीपमाला सिंह, सुनीता दास, अंजना परिहार, च्यती अग्रवाल, श्रद्धा खेरपांडे, संगीता सोनी, स्मिता तिवारी, नमिता चावला, नेहा वर्मा सहित अन्य सदस्य और लगभग 15 प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
22 अक्टूबर से शुरू होगा पांच दिवसीय सेल्फ मेकअप कोर्स
अभिरुचि केंद्र के आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 22 अक्टूबर से पांच दिवसीय सेल्फ मेकअप कोर्स आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
सेवा किटी की इस पहल का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को सीखने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना, उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाना तथा उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। अभिरुचि केंद्र के माध्यम से समाजसेवा, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।





