उदयपुर

उदयपुर में हाथियों का आतंक: घर और सिंचाई पैनल तोड़ा, 3 हेक्टेयर धान की फसल बर्बाद

उदयपुर। वन परिक्षेत्र उदयपुर में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार, 5 सितंबर की रात करीब 1:30 बजे रामनगर क्षेत्र के बेवरापारा में हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने ग्रामीण जवाहिर पण्डो के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया, वहीं खेतों में पहुंचकर धान की फसल और सिंचाई पैनल को भी नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

हाथी के गांव में पहुंचने की सूचना मिलते ही ग्राम पंचायत रामनगर के सरपंच एवं सरपंच संघ के अध्यक्ष प्रदीप सिंह मरकाम सहित ग्रामीण मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए बेवरापारा के समस्त लोगों को रामनगर के जोकड़भरापारा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में सुरक्षित लाकर ठहराया गया, ताकि हाथी के कारण किसी भी व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे। आंगनवाड़ी केंद्र में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और ग्रामीण रात में सुरक्षित रूप से रुके।

बताया जा रहा है कि उदयपुर वन परिक्षेत्र में 15 से अधिक हाथियों का दल सक्रिय है। हाथियों का उत्पात केवल घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेतों में भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। क्षेत्र में 15 से अधिक किसानों की करीब 3 हेक्टेयर से ज्यादा धान की फसल हाथियों द्वारा बर्बाद किए जाने की जानकारी सामने आई है।

रामनगर के बेवरापारा क्षेत्र में धान की फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ ही हाथी ने सिंचाई पैनल तोड़ दिया, जिससे किसानों को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ किसानों की धान की फसल हाथी द्वारा खा ली गई है, जिसमें करीब 1–2 डोली धान के नुकसान की भी जानकारी सामने आई है।

ग्रामीणों के मुताबिक, इससे पहले 28 अगस्त की रात बासेन सर्किल क्षेत्र में भी हाथियों ने एक घर को नुकसान पहुंचाया था। वहीं शिवनगर गांव में करीब आधा दर्जन घरों को नुकसान पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई थी। लगातार अलग-अलग गांवों और खेतों की ओर हाथियों के पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है।

ग्राम पंचायत रामनगर के सरपंच प्रदीप सिंह मरकाम ने ग्राम पंचायतवासियों से अपील की है कि जहां भी हाथी की मौजूदगी या उसके विचरण की सूचना मिले, तत्काल ग्राम पंचायत के ग्रुप में जानकारी साझा करें या उन्हें फोन कर सूचित करें। इससे समय रहते आसपास के ग्रामीणों को सतर्क किया जा सकेगा और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सकेगा।

सरपंच ने ग्रामीणों से हाथियों के नजदीक नहीं जाने और उन्हें परेशान नहीं करने की अपील की है। खासकर रात के समय खेतों और जंगल की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

लगातार बढ़ रहे हाथियों के आतंक को देखते हुए ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। साथ ही हाथियों द्वारा क्षतिग्रस्त किए गए घरों, धान की फसल और सिंचाई पैनल सहित अन्य नुकसान का जल्द सर्वे कराकर प्रभावित परिवारों और किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है।

फिलहाल, उदयपुर वन परिक्षेत्र में हाथियों की लगातार सक्रियता ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण रात के समय घरों और फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, वहीं प्रभावित परिवार और किसान अब वन विभाग से जल्द राहत और नुकसान के आकलन की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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