अंबिकापुर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के नव विश्व भवन, चोपड़ा पारा, अंबिकापुर में आयोजित चैतन्य देवियों की भव्य झांकी में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। आयोजन के सातवें दिन सांसद चिंतामणि महाराज शामिल हुए और उपस्थित लोगों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।
सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि, “पुत्र कुपुत्र हो सकता है, लेकिन माता कुमाता नहीं हो सकती।” उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन श्रेष्ठ जीवन है और इस अनमोल जीवन का सदुपयोग करना जरूरी है। जीवन को सकारात्मक दिशा देने के लिए आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना और ऐसी संस्थाओं से जुड़कर जीवन को श्रेष्ठ बनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम में श्री साईं बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था नशामुक्ति सहित विभिन्न सामाजिक जागरूकता अभियानों के माध्यम से निःस्वार्थ भाव से समाज सेवा कर रही है। उन्होंने समाज में ऐसे विषयों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। डाइट कॉलेज के प्राचार्य के.सी. गुप्ता ने भी सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर रंजना श्रीवास्तव और गीता गुप्ता भी उपस्थित रहीं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान खुशी दुबे और ट्विंकल ने काली-शंकर नृत्य की प्रभावशाली प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। वहीं आण्वी ने देवी स्वरूप में मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की प्रतिज्ञा भी कराई गई।

झांकी देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंच रहे हैं।


आध्यात्मिक वातावरण और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
