अंबिकापुर। सरगुजा पुलिस एवं सरगुजा जिले के स्वैच्छिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में संचालित नवा बिहान नशामुक्ति जागरूकता अभियान एवं परामर्श केंद्र सरगुजा द्वारा दशमेश पब्लिक स्कूल में छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति, यातायात नियम, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध एवं साइबर अपराधों से बचाव सहित विभिन्न संवेदनशील मुद्दों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों एवं नवा बिहान नशामुक्ति जागरूकता अभियान एवं परामर्श केंद्र के सदस्यों के स्वागत से हुई। स्कूल के अध्यापक-अध्यापिकाओं ने अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
नशे से दूर रहकर लक्ष्य की ओर बढ़ने का दिया संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा विशेष शाखा अमोलक सिंह ढिल्लो ने नशे की लत, विभिन्न नशीले उत्पादों और उनके दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सिगरेट के साथ-साथ ई-सिगरेट का उपयोग भी बढ़ रहा है। उन्होंने मोबाइल के अत्यधिक उपयोग को भी एक प्रकार का एडिक्शन बताते हुए विद्यार्थियों को इसके प्रति सचेत किया।
उन्होंने कहा कि आधुनिकता के दौर में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और संस्कारों को आत्मसात करते हुए अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कड़ी मेहनत करना आवश्यक है। इस दौरान उन्होंने साइबर अपराध एवं उनसे बचाव के उपायों की भी विस्तृत जानकारी विद्यार्थियों को दी।
युवाओं को नशामुक्त समाज का स्वयंसेवक बनने का आह्वान
वरिष्ठ समाजसेविका सुश्री वन्दना दत्ता ने कहा कि किशोरावस्था में बच्चे और बच्चियां दूसरों के बहकावे में आकर बहुत जल्दी नशे की गिरफ्त में आ सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से जागरूक रहने और स्वयं वालेंटियर की तरह नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
वहीं प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केन्द्र की मुख्य संचालिका राजयोगिनी बीके विद्या दीदी ने सकारात्मक सोच और लक्ष्य निर्धारण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन में तनाव अथवा दोस्तों का दबाव होने के बावजूद नशे से दूर रहना चाहिए। नशे की लत से बचने और उससे छुटकारा पाने में आध्यात्म एवं मेडिटेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को नशामुक्त समाज निर्माण की शपथ भी दिलाई।
यातायात नियमों और डायल 112 की दी जानकारी
उप निरीक्षक अभय तिवारी ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की जानकारी देते हुए सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने डायल 112 की सुविधाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह एक इंटीग्रेटेड नंबर है, जिसके माध्यम से आवश्यकता के अनुसार सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए Dial 112 India ऐप के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी।
योग और अनुशासन को बताया सफलता का आधार
वरिष्ठ समाजसेवी अजय तिवारी ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग शरीर, श्वास और मन के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि योग का प्रथम सूत्र “योगानुशासनम्” है और अनुशासन मनुष्य को श्रेष्ठ बनाता है, जबकि अनुशासनहीनता व्यक्ति के जीवन में नकारात्मक प्रभाव डालती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय सभ्यता और संस्कृति का अनुसरण करने तथा मानवीय मूल्यों को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार प्रदर्शन अध्यापिका रत्ना डे द्वारा किया गया। इस अवसर पर नवा बिहान नशामुक्ति जागरूकता अभियान एवं परामर्श केंद्र के संयोजक मंगल पाण्डेय, समन्वयक अनिल कुमार मिश्रा, दशमेश पब्लिक स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष सरदार महेंद्र सिंह छाबड़ा, सचिव बलविंदर सिंह छाबड़ा, एकेडमिक डायरेक्टर सरदार जितेन्द्र सिंह सोढ़ी एवं प्राचार्या ममता विश्वकर्मा सहित स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



