जशपुर।

शासकीय भूमि की खबर के बाद पत्रकार को धमकी का आरोप, रात में एक ही नंबर से तीन कॉल

बुलंद मीडिया के पत्रकार व वार्ड पंच ने एसपी से लगाई गुहार, कॉल डिटेल और ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच की मांग

जशपुर। ग्राम पंचायत जशपुर में पंचायत भवन के समीप शासकीय भूमि पर दुकानों के निर्माण और उनके आवंटन को लेकर उठाए गए सवालों के बाद अब मामला धमकी तक पहुंच गया है। बुलंद मीडिया के पत्रकार एवं निर्वाचित वार्ड पंच को कथित रूप से जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह को लिखित शिकायत सौंपकर सुरक्षा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार एसपी ने मामले में उचित जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है।

दुकान निर्माण और आवंटन को लेकर उठे थे सवाल

दरअसल, ग्राम पंचायत जशपुर में पंचायत भवन के सामने शासकीय भूमि पर निर्मित दुकानों को लेकर निर्माण और आवंटन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे। मामले को लेकर शिकायत भी की गई थी और बुलंद मीडिया ने इसे जनहित से जुड़े मुद्दे के रूप में प्रमुखता से प्रकाशित किया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित मामले को लेकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश शुरू हुई। इसी क्रम में कथित तौर पर फोन कर पत्रकार और संबंधित लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

27 अगस्त की रात लगातार तीन कॉल

पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि 27 अगस्त 2026 की रात करीब 10:43 बजे मोबाइल नंबर 7974335678 से फोन आया। शिकायतकर्ता के मुताबिक बातचीत के दौरान धमकी दी गई। इसके बाद इसी नंबर से रात 11:54 बजे तथा 11:55 बजे दो और कॉल किए गए।

शिकायतकर्ता ने दोनों बाद के कॉल रिसीव नहीं किए। शिकायत में इस मोबाइल नंबर को गौतम साहू के नाम से संबंधित बताया गया है। हालांकि, फोन किस व्यक्ति ने किया और धमकी के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, यह पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।

धमकी की ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा

शिकायत में महत्वपूर्ण रूप से यह भी उल्लेख किया गया है कि कथित धमकी से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग शिकायतकर्ता के पास उपलब्ध है। इसे पुलिस के समक्ष साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।

इसके अलावा शिकायतकर्ता ने संबंधित मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य और फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान की जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।

एसपी से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग

शिकायत में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की जाए। साथ ही यदि जांच में धमकी के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति और अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

शिकायतकर्ता ने भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका जताते हुए अपने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया है।

शासकीय संपत्ति से जुड़े सवालों पर निष्पक्ष जांच जरूरी

मामला केवल कथित फोन धमकी तक सीमित नहीं है। इसकी पृष्ठभूमि में ग्राम पंचायत की शासकीय भूमि पर दुकानों के निर्माण और आवंटन को लेकर उठे सवाल भी हैं। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि दुकानों के निर्माण की अनुमति, भूमि की स्थिति, निर्माण में खर्च हुई राशि, पंचायत अभिलेखों में दर्ज जानकारी और आवंटन की प्रक्रिया की भी जांच की जाए।

सवाल यह भी है कि यदि दुकानों का निर्माण और आवंटन नियमों के तहत हुआ है तो उससे संबंधित दस्तावेज और प्रक्रिया सार्वजनिक रूप से स्पष्ट क्यों नहीं की गई। वहीं, यदि किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी हुई है तो जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।

पुलिस जांच से सामने आएगा पूरा सच

फिलहाल धमकी के आरोप शिकायत के आधार पर सामने आए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। जांच में कॉल डिटेल, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि फोन किसने किया और उसका संबंध प्रकाशित खबर से था या नहीं।

जनहित के मुद्दे उठाने वाले पत्रकार और निर्वाचित जनप्रतिनिधि को किसी भी प्रकार की धमकी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।

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