अंबिकापुर, 7 अगस्त। जिला स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन शुक्रवार को अंबिकापुर के हर्राटिकरा में किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने पौधारोपण कर ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम में राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर मंजुषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा, वनमंडलाधिकारी अभिषेक जोगावत, एसडीएम बनसिंह नेताम सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
पीपल का पौधा लगाया, वृक्ष संरक्षण का दिया संदेश
मंत्री राजेश अग्रवाल ने एयर लेयरिंग तकनीक से तैयार पीपल के पौधे का रोपण किया। उन्होंने विवाह समारोहों में मंडप (मड़वा) निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और जनजागरूकता के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल करने का भी आग्रह किया।

रेस्क्यू की गई काली चील को प्राकृतिक आवास में छोड़ा
कार्यक्रम के दौरान वन विभाग द्वारा रेस्क्यू की गई ब्लैक काइट (काली चील) को मंत्री राजेश अग्रवाल ने उसके प्राकृतिक आवास में मुक्त किया। इस पहल को उपस्थित लोगों ने सराहा।

450 पौधों का हुआ रोपण
वन महोत्सव के दौरान 450 पौधों का रोपण किया गया। इनमें पीपल, बरगद, गुलर, शीशम और गुल्लू जैसी प्रजातियां शामिल थीं। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, वन प्रबंधन समितियों, एनसीसी कैडेटों, विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों और ग्रामीणों ने पौधारोपण में भाग लिया।
कार्यक्रम में ट्री एटीएम के माध्यम से पौधारोपण किया गया तथा किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत हितग्राहियों को नीलगिरी के पौधे वितरित किए गए।
वन विभाग के अनुसार, सरगुजा वनमंडल में इस वर्ष अब तक विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 31,800 पौधों का रोपण किया जा चुका है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


