अंबिकापुर, 22 अक्टूबर 2026। कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी की अध्यक्षता में अंबिकापुर में कृषि एवं संबद्ध विभागों की संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खरीफ सीजन 2026 की प्रगति की समीक्षा के साथ रबी सीजन 2026-27 की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों को किसानों की आय बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन सुनिश्चित करने और शासन की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने खेती-किसानी के साथ कुक्कुटपालन, मछलीपालन, बकरीपालन और उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ दलहन, तिलहन और अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसके लिए कृषि एवं संबद्ध विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
रबी सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए बीज, उर्वरक और अन्य कृषि आदानों की पर्याप्त उपलब्धता एवं समय पर वितरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में सरसों का रकबा और उत्पादन बढ़ाने, पीएम आशा योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने तथा प्राकृतिक खेती और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा की गई।
उद्यानिकी क्षेत्र में सरगुजा संभाग की अनुकूल जलवायु को देखते हुए लीची, स्ट्रॉबेरी, ऑयल पाम और आलू की खेती का विस्तार करने के निर्देश दिए गए। वहीं पशुधन विकास विभाग की समीक्षा में पशुओं के टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, गौशाला एवं गौधाम संचालन तथा दुग्ध उत्पादन से संबंधित योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। मत्स्य पालन विभाग को मछली पालकों के लिए कार्यशालाएं आयोजित कर तकनीकी मार्गदर्शन देने और उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास करने को कहा गया।
संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा ने कहा कि सरगुजा संभाग कृषि उत्पादन के साथ पशुपालन, कुक्कुटपालन, मछलीपालन और उद्यानिकी के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। स्थानीय संसाधनों के अनुरूप कृषि नवाचारों को बढ़ावा देकर किसानों की आमदनी में और सुधार किया जा सकता है।
बैठक में सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, एमसीबी और कोरिया जिलों के कलेक्टरों सहित कृषि, पशुधन विकास, उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में खरीफ 2026 की उपलब्धियों और रबी 2026-27 के लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।






